दिल को सुकून से लबरेज़ करने वाली शायरी।
आप दिल को सुकून देने के लिए, तमाम रास्ते तलाशते है, और दर ब दर जाने की जहमत करते है, ताकि आपको आपकी परेशानियों से निजात मिल जाए, आपके मसले हल हो जाए, आपकी मुश्किल आसान हो जाए।
जब आप सब से अपनी मुश्किल का हल पूछ कर हार जाते है, न उम्मीद हो जाते है, दुनिया आपको बेकार लगने लगती है, तब आप रब के किसी नेक बंदे के दर पर जाते हैं,उसकी बातें आपके दिलों में राहत पैदा करती, वह कहता रब से मांग वही सब को देता है, वही सबका बनाने वाला है, मेरे और तेरे अख्तियार में भला क्या हैं? मेरी और तेरी सांसों की डोर उसके हाथ जब चाहें, जैसे चाहें, जिस हाल में चाहें हमसे छीन ले,
फ़िर भला हम किस बात की गफलत में इतने पहाड़ हुए जाते हैं? तू न घबरा रब तेरी मुश्किल आसान करेगा, जैसे उसने तमाम बेसहारों की हैं, जैसे उससे पत्थर के अंदर रहने वाले कीड़े को भी रिज्क अता किया है, तुझे भी करेगा ।


