दिल्ली में भाजपा ने 27 साल बाद की जीत दर्ज। आप को मिली हार।
दिल्ली में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत एक ऐतिहासिक पल है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) को हराकर 27 साल का सूखा खत्म किया है । आम आदमी पार्टी जो पिछले दस सालों से दिल्ली साकार की बागडोर संभाले हुए दिल्ली की जनता की राह इस बेरोजगारी और महंगाई के दौर में थोड़ा बहुत आसान करते नज़र आ रहे थी । अब जनता ने उन्हें विपक्ष में बैठने का मौका दिया और भाजपा को दिल्ली की जनता को बेहतर शासन व्यवस्था देने के लिए चुना है।
इस जीत के साथ ही भाजपा ने दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को जारी मतगणना के आए रुझानों से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने 36 सीटों का बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है ।
भाजपा की इस जीत में कई कारण हो सकते हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि पार्टी ने दिल्ली के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफलता प्राप्त की है । आम आदमी पार्टी (आप) के कई बड़े नेता, जिनमें अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं, अवध ओझा, सौरभ भारद्वाज , राखी बिड़ला समेत कई बड़े चेहरे चुनाव हार गए हैं ।
अमानतुल्लाह खान, मुकेश अहलावत, गोपाल राय, आतिशी मार्लेना सिंह ने अपनी सीटों पर जीत दर्ज कर आपको विपक्ष में बैठने का मौका दिया।
भाजपा ने 48 सीटें और 22 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती इस लड़ाई में जहां कांग्रेस 12 सीटें जीतने का अनुमान लगा रही थी। वहीं कांग्रेस को बड़ी निराशा हांथ लगी। और एक भी सीट न जीत सकी।
यह जीत भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि भले ही हो, लेकिन दिल्ली की राजनीति में उनके लिए आगे की राह आसान नहीं है। क्योंकि चुनाव जीतने से पहले उन्होंने दिल्ली की जनता से जो वादे किए थे । उन्हें पूरा कर सकने में कई बड़ी चुनौतियां आ सकती है।
भाजपा सरकार के समाने चुनौतीया।
* महिलाओं को 2500 की राशि हर महीने की भुगतान का जो वादा किया था। जिसकी वह आलोचना खुद कर रही थी। जब अरविंद केजरीवाल ने 2500 रुपए देने की बात अपने चुनाव प्रचार में देने का ऐलान किया था।
* दिल्ली में 500 रूपये का सिलेंडर देने की बात ।
* दस लाख तक इलाज बीमा कवर योजना हर दिल्ली वालों को देने का वादा ।
* ऑटो वालों से किए गए वादे।
* बुजुर्गों की पेंशन की मौजूदा राशि को 2500 से बढ़ाकर 3000 देने का वादा ।
* गर्भवती महिलाओं को 21 हजार की राशि योजना का वादा।
* दिल्ली यमुना नदी सफाई का मुद्दा जो इस चुनावी मुद्दों में अहम रहा है।
और पूर्व सरकार की पानी बिजली और बस की फ्री महिला बस यात्रा योजना को यथावत बनाए रखना ये सभी बड़ी चुनौतियां भी सामने खड़ी नज़र आ रही है। और भाजपा के अन्य राज्यों में भी सरकार है जहां उन्होंने इसी तरह के वादे उन राज्यों में भी किए है। अगर दिल्ली में ये वादे पूरे किए जाते है तो उन राज्यों की जनता भी इन मांगों को पूरा करने का दवाब बनाने का काम करेंगी , फिर वह चाहे हरियाणा की बात करें या फिर उत्तर प्रदेश की।